पिटारा भानुमती का

अप्रैल 23, 2007

प्रयाग में सूर्यास्त

Filed under: अश्रेणीबद्ध — अमित @ 4:48 अपराह्न

अभी काम के सिलसिले में प्रयाग जाना हुआ. सौभाग्य से मैं गंगा के पास ही ठहरा था. गंगा में सूरज को डूबते देखना विलक्षण अनुभव रहा; मानो थका-हारा सूरज किसी घाट पर हाथ-मुँह धोने आया हो.

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आप भी देखिये यह नज़ारा.

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